फूलत- फलत, हसत, नित गावत
चोरन की नित-नित पौं बाराँ
सब कोऊ बांटत मीठी गोली
जोड़ि -जोड़ि घर भर लिओ चोरन
इन की तो उत -इत पौं बाराँ
बांटिह ज्ञान चोरी मत करिओ
इनके चरित ,गणित पौं बाराँ
इनको पाप-श्राप नाहिं लागै
मान -समान अमित पौं बाराँ
साध, गरीब सीधे तरु कटते
इनकी उत , न इत पौं बाराँ
कहें "ख़याल " चुप बैठो घर मै
कोरोन -चोरन नित पौं बाराँ
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