Monday, 6 May 2024

हे वीर सुनो !


धर धीर सुनो !
मैं कृष्ण
समक्ष खड़ा हूँ ,सुनो !
दुविधा में व्यर्थ समय न करो
उठ जाओ प्रिय ,इतना न डरो
तुम आये हो रणभूमि में
अब उठकर सीना तान लड़ो
हे वीर सुनो !
ये सब के सब हैं काल ग्रास
मत सोच अधिक ,मत हो उदास
पल पल ये जीवन रीत रहा
सब बीत रहा , अब आगे बढ़ो !
हे वीर सुनो !
तुम भाग के जाओगे भी जहां
ये पाप प्रपंच मिलेगा वहां
इस झूठे पापी लश्कर से
जैसे भी बने , हिम्मत से भिड़ो
हे वीर सुनो !
क्या होगा ,क्या न होगा , कल
इस सोच से अब बाहर तू निकल
मैं सत का सारथी युग-युग से
मैं श्री हूँ ,साथ हूँ ,विजयी बनो !
हे वीर सुनो !
रणधीर सुनो !
मैं कृष्ण
समक्ष खड़ा हूँ , सुनो !

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