कामगारों की
किसी मिल हादसे में मौत ,
अख़बार के लिए ख़बर,
प्रशासन के लिए लाल फीते वाली फ़ाइल ,
पुलिस के लिए एफ़ आई आर,
मिल मालिक के लिए
बेल होने तक की परेशानी ,
और मेरे लिए भी
एक नज़्म ,
मज़दूर के लिए मुआवज़ा
और बद-क़िस्मती ,
सोशल मिडिया के लिए
छोटा सा रिप का मैसेज
बस .....
हम हादसों को होनी
समझते हैं
जिसे टाला न जा सके
और मौत
वो भी ग़रीब की
किसी की आंख को
नम नहीं करती ,
सब बिज़ी हैं /
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