Monday, 6 May 2024

कुछ लोग मरे


वबा आई तो वबा से मरे
दवा आई तो दवा से मरे
कुछ ज़हर पीके मरे
कुछ गला घोंट के अपना
मर्ज़ी से मरे
मरे कुछ
बाढ़ में , तूफ़ान में ,नदी में
मरे /
मरे कुछ हादसों ,दंगों –फ़सादों में मरे
रेप ,हत्या ,लूट में
कुछ आपसी फूट में
कुछ दिल की टूट में मरे /
कुछ हक़ मांगते मरे
मरे कुछ भूख से ,
बेकारी से ,लाचारी से
हुक्मरानों के फ़रमानों से
सरहदों में ,कारखानों में
ज़मीनो में ,आसमानों में /
मरे कुछ लोग
जीते जी , सर पीट-पीट कर
पेट भरते ,मरते ,सड़ते ,डरते
मज़दूर ,किसान और
नौजवान मरे/
भेड़ –बकरी
कुत्ते ,बिल्ले ,
ढोर मरे ,
और
कुछ लोग मरे ...

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