Monday, 6 May 2024

“चौथा कंधा”


तुम्हारे मुँह से
सियासत के तलवों की
दुर्गन्ध आने लगी है /
सियाही को
दंभ के
तलवों पर
मेंहदी की तरह मत लगा /
क़लम उठा
कि रौशनी
अंधेरी तहों में
पहुंचे /
लोकतंत्र का
चौथा स्तंभ बन
चौथा कंधा मत बन/

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