Monday, 6 May 2024

नज़्म -भगत सिंह

 

कहाँ रखोगे
आप इस अंगार को?
लाल झंडों में
या भगवा वस्त्रों में
या तिरंगों में/
आप इस अंगार का
सेंक सह सकोगे?
रख सकोगे इसको
अपनी जेब में
अंगार है ये
गुलाब नहीं है/
क्या करोगे?
यह समता की बात करेगा
आप कहेंगे कामरेड है
हो सकता है कह दो कि
यह दहशतगर्द है
फैंको इस अंगार को
पूंजीवाद की दरार में
या फिर दफ़ना दो
इसको तुम खेतों में/
ध्यान रहे
कि बीज न बन जाये अंगारा
उग आये अंगारों
की फिर फ़स्ल कोई
उगने लग जायें बंदूकें
खेतों में/
अंगार है यह
सुर्ख और महका हुआ
क्या करोगे आप इस अंगार का??
आप इस पर फूल डालो
चुप रहो
आगे बढ़ो
ये शरारा
आपके किस काम का/

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