Tuesday, 7 May 2024

ऊँगली पर सियाही -सतपाल ख़याल

ऊँगली पर सियाही 
लगाओ 
फिर  
दिल्ली की तरफ़ पीठ 
और आसमान की तरफ़ 
हाथ उठा कर, 
अगरबत्ती जला कर
बैठ जाओ |


No comments:

Post a Comment

  क्या ख़ुदा है ??   जो ये कहता है "ख़ुदा है " उस ने देखा ही   नहीं जो ये कहता है "नहीं है" उस ने खोजा भी नहीं ...