Monday, 6 May 2024

ज़हर


गिरिये
बार-बार,
उठिए
फिर चलिए/
चखिए ,
रोज़-रोज़ ज़हर,
मरिये रोज़-रोज़ ,
मर- मर के
फिर-फिर चखिए
ज़हर /
गिरना
उठना
चलना
रहेगा यूं ही /
रहेगा यूँ ही मरना
जब तक,
ज़हर है
जब तक
जीवन है /

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